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CBC test kya hota hai-cbc in hindi सीबीसी टेस्ट क्या होता है?

cbc test kya hota hai

CBC test kya hota hai

इस पोस्ट में आप complete blood count in Hindi से जुड़ी हर बात को जानेंगे साथ ही blood deficiency रक्त की कमी से होने वाले 3 रोग एनीमिया, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया, और न्यूट्रोपेनिया के बारे में भी जान पाएंगे।

CBC Test Normal Range-

CBC test का नार्मल रेंज अलग-अलग टेस्टों में अलग-अलग  होता है जैसे कि रेड ब्लड सेल का नार्मल रेंज 4.5 से 6.5 मिलियन, white blood cell का normal range 4000- 11000 और platelet का normal range 1.5-4.0 lakh होता है.

  • सभी  test का normal range अलग-अलग होता है जैसा आप यहां पर देख सकते हैं.
  • Hemoglobin (HB) – 12-16 gm/dl
  • Differential leukocytes count (DLC) 
  • Neutrophils – 50-65%
  • Lymphocytes – 20-35%
  • Monocytes- 2-8%
  • Eosinophils- 0-6 or 0-4 %
  • Basophils- 0-1 %
  • Total leukocytes count (TLC) – 4,000-11,000 /microlitre
  • Packed cell volume (PCV) or Hematocrit – 36-54%
  • Red blood cells count (RBCs count) – 4.5 – 6.5/cumm
  • Platelet count (Plts Count)- 1.5 -4.0 lakh 
  • RBCs Index
  • MCV – 80-96 fm( famato litre) 
  • MCH – 27-33 pg( picogram) 
  • MCHC – 30-35 g/dl

CBC Test का रिजल्ट-

इस तरह अब तक आप समझ गए होंगे कि CBC test kya hota hai in Hindi और CBC test ka normal range कितना होता है.जिसके  अनुसार ही डॉक्टर CBC test का रिजल्ट चेक करते हैं और आपको बताते हैं कि आपके शरीर में किस प्रकार की कमी है. 

आप भी CBC test को आसानी से देख सकते हैं कि आप के रिजल्ट में किस चीज की कमी है और कितनी कमी है.जिससे आपको भी कुछ ना कुछ अनुमान जरूर लग जाएगा और इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आशा करता हूं कि आप कुछ ना कुछ जरूर समझे होंगे.

CBC Test Kya hota hai

सीबीसी टेस्ट एक सामान्य रक्त जांच की प्रकिया है जो किसी भी चिकित्सक को अपने मरीज के रक्त के संबंध में 3 बातें बताती है-

1.Red Blood Cell या लाल रक्त कणिका

2.White blood cell या श्वेत रक्त कणिका

3.Platlets cell या प्लेटलेट्स सेल

यह तीनों प्रकार के सेल्स ही हमारे शरीर के परिसंचरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

एक CBC Test में 5 तरह की प्रमुख जांच होते है जब कभी भी आप cbc टेस्ट कराते है तो हर बार आपके टेस्ट में यह 5 आंकड़े देखने को मिल जाएंगे इनकी संख्या पुरूष और महिलाओं में अलग अलग हो सकती है। ये प्रमुख 5 जांच इस प्रकार है :-

Red blood cell count या लाल रक्त कणिकाओं की संख्या :– R.B.C.s हमारे शरीर मे ऑक्सिजन के परिवहन करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।RBCs में ही एक प्रमुख प्रोटीन हीमोग्लोबिन होती है जो rbcs के लाल होने के प्रति उत्तरदायी होती है।सामान्यतः आरबीसी की हमारे शरीर मे वैल्यू 4 – 5.5 m/uL होती है।

Hemoglobin value हीमोग्लोबिन की मात्रा:- हीमोग्लोबिन हमारे रक्त में फेफड़ो से ऑक्सिजन को शरीर के हर अंग तक ले जाने का काम करती है और फिर कार्बन डाइऑक्साइड को रक्त के द्वारा फेफड़ो तक वापस लाती हैं जिन्हें हम श्वास के द्वारा बाहर निकाल देते है।सामान्यतः हमारे शरीर मे हीमोग्लोबिन की नार्मल वैल्यू 12 से 17.4 g/dl होती है।

WBC Count या श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या : वाइट ब्लड सेल्स हमारे शरीर को बाहरी इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है।सामान्यतः हमारे शरीर ने wbc की मात्रा 5 से 10k/uL तक होती है। इन्हें ANC Count भी कहते है यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बताती है।

हिमेटोक्रीट वैल्यू या HCT वैल्यू :- हिमेटोक्रीट Value हमें इस बात की जानकारी देती है कि हमारे शरीर के कुल रक्त का कितना रक्त RBCs से बना हुआ है ।स्वस्थ्य शरीर मे HCT की वैल्यू 36 से 52 % होती है।

Platelet count या प्लेटलेट्स सेल्स की संख्या :- जब कभी भी हमारे शरीर मे किसी स्थान पर चोट लगने से खून बहने लगता है तो प्लेटलेट्स के सेल्स उस स्थान पर रक्त स्कन्दन करते है जिससे खून का बहना बंद हो जाता है स्वस्थ शरीर मे इसकी मात्रा 140 से 400 k/uL होती है।

Blood disorder in hindi रक्त की कमी से होने वाले रोग :-

जब कभी हम cbc टेस्ट कराते है और इससे हमारे रिपोर्ट में हम ऊपर बताये गए सेल्स की मात्रा को देखकर जान पाएंगे कि हमारे वाइट ब्लड सेल या Hb वैल्यू या इसके अलावा ANC काउंट को भी हम देख पाएंगे और शरीर मे इनकी कमी अथवा सामान्य स्तर को समझ पाएंगे।

यदि हमारे ब्लड में ऊपर बताये गए सेल्स की मात्रा में कमी दिखती है तो हमे स्वास्थ्य संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।अब यह परेशानी या बीमारी क्या हो सकती है इन्हें देखते है क्रमशः :-

cbc test kya hota hai
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न्यूट्रोपेनिया या low WBC count :- cbc test kya hota hai

यदि आपकी न्यूट्रोपेनिया का लेवल कम बता रहा है तो इसका अर्थ यह है कि हमारे व्हाइट ब्लड सेल्स की मात्रा में कमी आ गयी है जो हमे रोगो से लड़ने में सहायता करता है। इसे ANC काउंट भी कहा जाता है।यह जितना ज्यादा कम होगा हमारे बीमार होने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।इसके कमी होने को 2 स्तर में बाँट सकते है

यदि आपका ANC काउंट 1000 /uL या 1.0 k/uL है तो आपके शरीर मे इंफेक्शन होने के चान्सेस बहुत ज्यादा है।

यदि आपका ANC काउंट 500 /uL या 0.50K/uL हैं तो यह बहुत ही गंभीर स्थिति है आप इंफेक्शन के दायरे में आ चुके है और आपको शीघ्र उपचार की आवश्यकता है।

Platelet count –

Platelet count से हमारे शरीर के प्लेटलेट की संख्या का पता चलता है . Platelet हमारे शरीर में रक्त को थक्का करने में और किसी प्रकार की bleeding को रोकने के लिए काम करता है और कई प्रकार की  बीमारियों में प्लेटलेट की संख्या बहुत ही कम हो जाती है जैसे डेंगू में , तो इसलिए डॉक्टर उन सभी का पता लगाने के लिए प्लेट का टेस्ट लिखते हैं.

हमारे शरीर में प्लेटलेट की संख्या 1.5 से 4 लाख तक होती है यदि platelets की संख्या normal range से ज्यादा होती है तो इसे Thrambocytosis कहते हैं और यदि प्लेटलेट की संख्या बहुत कम होती है जिसे Thrambocytopenia कहा जाता है.

CBC Test क्यों करवाया जाता है?

CBC अर्थात Complete blood count नाम से ही पता चलता है इसमे blood के complete cells की जांच की जाती है जिससे पता लगाया जाता है कि हमारे शरीर में किस सेल्स की कमी है  और normally क्या है. 

हमारे शरीर में cells ज्यादा या कम तो नहीं है इन सभी पहलुओं को जानने के लिए डॉक्टर CBC test लिखते हैं ताकि उसे दवाई देने और बीमारी को पहचानने में सुविधा हो.

किन-किन रोगों में CBC Test करवाया जाता है और कब? 

CBC test अनेक प्रकार के रोगों की जांच के लिए करवाया जाता है. आज के समय में सीबीसी टेस्ट ,लगभग सभी तरह के patient को सबसे पहले लिखा जाता है. ऐसे कई सारे रोग हैं जिसमें CBC test लिखा जाता है जैसे कि-

  • सर्दी, बुखार लगना 
  • कमजोरी महसूस होना 
  • भूख कम लगना
  •  चक्कर आना 
  • आंखों के सामने अंधेरा छा जाना या  धुंधला लगना 
  • इस्नोफीलिया
  •  anaemia
  •  polycythemia
  • लोहा या अन्य विटामिन और खनिज की कमी की जांच करने के लिए
  • रक्तस्राव विकार के लिए
  • ह्रदय रोग के लिए
  • स्वत: प्रतिरक्षा विकार
  • बोन मेरो की समस्याएं
  • कैंसर
  • संक्रमण या सूजन
  • दवा के प्रति प्रतिक्रिया

 और भी कई प्रकार के लक्षण और लोगों के लिए सीबीसी टेस्ट लिखा जाता है मुझे इस के रिजल्ट के अनुसार डॉ यह अनुभव करते हैं कि आपके शरीर में किस प्रकार की कमी है और कौन सा रोग है.

इंफेक्शन से बचने का तरीका :- Cbc test kya hota hai

इंफेक्शन से बचने का तरीका यह है कि हमे इन हानिकारक बैक्टिरिया और वायरस को शरीर से बाहर निकालने की आवश्यकता है।यह हानिकारक कीटाणु हमारे शरीर मे निम्न माध्यम से पहुंच सकते है-

●हवा के द्वारा:- किसी अन्य के द्वारा छींकने या खासने से उसके मुंह अथवा नाक से निकले जर्म्स का हवा द्वारा हमारे श्वास के जरिये शरीर मे प्रवेश कर जाना

●रक्त

●पसीना

●लार या सलाइवा

●कई बार ये जर्म्स हमारे शरीर मे हाथो के स्पर्श द्वारा भी प्रवेश कर जाते है जब हम किसी संक्रमित वाले जगह पर हाथो से अपने मुँह, आँख अथवा नाक को छूते है तो ये कीटाणु हमारे अंदर आ जाते है।

यदि आपका WBC लेवल कम हैं तो आप निम्न तरीको को अपनाकर खुद को सुरक्षित रख सकते है:-

1.कभी भी खाना खाने के पूर्व यदि आप नीचे बताये गए किसी कार्य को किये है तो अपने हाथ को अच्छी तरह से धोकर ही खाने बैठे, जैसे:-

●यदि आप बाथरूम गए हो

●यदि आप खांसी छींक कर हाथो से मुंह को साफ किये हो

●यदि आप किसी से हाथ मिलाया हो

●यदि आप किसी ऐसे चीज़ का इस्तेमाल किये हो जिसे आपके पहले किसी और ने स्पर्श किया हो तो आप अपने हाथ को अच्छी तरह से धो कर ही खाना खाएं।

2.प्रतिदिन स्नान करें

3.यदि आपकी स्किन रूखी हुई है तो स्किन में किसी प्रकार के लोशन लगाए यह आपको चोट या खरोंच से बचाएगा क्योंकि इन्ही खरोंच से ही जर्म्स हमारे शरीर मे प्रवेश करते है।

4.यदि शरीर के किसी भाग में खरोच अथवा चोट लग गयी है तो आप सबसे पहले उस स्थान को अच्छे से धोकर साफ करें फिर बेंडिट पट्टी के द्वारा उस स्थान को ढंक दे।

5.गंदगी अथवा जर्म्स के पाए जाने वाले जगह जाने से बचें अथवा उन जगहों में जाने से पूर्व जूते पहन लें।

White blood cells count –

White blood cells की संख्या का पता लगाने के लिए WBC test किया जाता है. WBCs हमारे शरीर को किसी अन्य प्रकार की वायरस और बीमारियों से सुरक्षित रखता है और उनसे फाइट करके हमें बचाता है इसलिए डब्ल्यूबीसी का normality हमारे लिए बहुत अच्छा होता है.

हमारे Blood में WBCs की संख्या 4,000 से 11,000/cumm होती है यदि WBCs की संख्या नार्मल रेंज से कम या ज्यादा होती है तो इससे यह पता चलता है कि हमारे शरीर में किसी प्रकार की गड़बड़ी है और हमारा शरीर किसी बीमारी के चपेट में है इसलिए डॉक्टर इस टेस्ट को लिखते हैं.

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TLC count-

 TLC यानी Total leukocytes count test हमारे शरीर में white blood cells की संख्या कितनी है इसका पता लगाने के लिए किया जाता है. हमारे शरीर में Total leukocytes count की नार्मल रेंज 4,000 से  11,000 तक होती है. 

यदि हमारे शरीर में डब्ल्यूबीसी(TLC) की संख्या में कोई कमी होती है या बढ़ोतरी होती है तो हमें गंभीर प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इस टेस्ट के द्वारा हमें डब्ल्यूबीसी की संख्या का पता चल जाता है.

RBCs count 

हमारे शरीर में आरबीसी की मात्रा अर्थात red blood cells की मात्रा कितनी है इसका पता लगाने के लिए RBCs test किया जाता है. यह हमारे शरीर में पाई जाने वाली कोशिकाओं में सबसे अधिक पाई जाती है इसकी संख्या लगभग 4.5 से 6. 5 मिलियन/माइक्रोलीटर होता है. 

Red blood cells का फॉरमेशन bone marrow में होता है और इसका  जीवनकाल 90 से 120 दिनों तक का होता है.

Normal range of RBCs-

  • In male – 4.5 to 6.5 million /cumm
  • In female – 3.5 to 4.2 million / cumm

हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल की मात्रा में कमी आती है तो  इसे erythrocytopenia कहते हैं और यदि red blood cells की संख्या नॉर्मल से अधिक होती है तो उसे erythrocytosis कहते हैं.

एनीमिया या low RBCs level:- cbc test kya hota hai

यदि आपको एनीमिया है तो इसका अर्थ यह हैं कि आपके रेड ब्लड सेल्स RBCs की मात्रा में कमी हो गयी है इसके अलावा आप यह भी मान समते है कि आपके रक्त में हीमोग्लोबिन और हिमेटोक्रीट की मात्रा कम हो चुकी है।एनीमिया के शुरुआती स्टार में सामान्य उपचार प्रक्रिया के द्वारा इसका इलाज कराया जा सकता है किंतु गम्भीर स्थिति में मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करा कर अतिरिक्त ब्लड देने की आवश्यकता पड़ सकती है।यदि आपका आरबीसी लेवल कम है तो आप निम्न लक्षणों के द्वारा एनीमिया की पहचान कर सकते हैं:-

●सांस लेने में दिक्कत या जल्दी जल्दी सांस लेना

●धड़कन में अनियमितता

●सिर चकराना

●कान में किसी तरह की आवाज का अनुभव होना

●कमजोरी का एहसास होने

एनीमिया से बचने का तरीका :-

●लम्बी एक्टिविटी के बाद आराम करें

●रात में पर्याप्त नींद ले

●काम के दौरान आराम से उठे व बैठे।यह आपको कमजोरी से बचाएगा।

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया :-

यदि आपका रक्त बहने वक्त जल्दी नही जमता अर्थात रक्त का स्कन्दन देर से होता है तो आपके ब्लड में प्लेटलेट्स की कमी हो गयी है। यदि आपके प्लेटलेट्स की मात्रा में गिरावट आ गयी है तो आप निम्न लक्षणों से भी उसकी पहचान कर सकते है जैसे:-

●स्किन में लाल चकते बनना

●नाक से खून का बहना

●जबड़ो में खून आना

●मूत्र का हल्का लाल अथवा भूरा दिखना

●पीरियड के दौरान औसत से अधिक खून का आना

●स्किन में कट छिल जाने पर खून का लगातार बहते रहना

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया से बचने के तरीकें :- cbc test kya hota hai

●नरम और अच्छी गुणवत्ता के टूथ ब्रश का उपयोग करे जिससे मसूड़ो के छिलने का खतरा कम हो।

●यदि प्लेटलेट्स की संख्या 20 हजार से कम है तो दाढ़ी बनाने के लिए रेजर के स्थान पर इलेक्ट्रिक शेविंग मशीन का उपयोग करें।

●गार्डनिंग करते वक्त औजार के उपयोग करने से बचें।

●नाक को साफ करते समय ज्यादा जोर न दे।

●नुकीले अथवा धारदार उपकरण से दूरी बनाए रखे।

इस तरह इन बताये गए तरीको से आप रक्त की कमी से होने वाले रोग से खुद को बचा पाएँगे व स्वस्थ रह पाएंगे।किसी भी तरह की दवा लेने से पूर्व तथा टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद अपने चिकित्सक से अवश्य मिले और उनके परामर्श के अनुसार ही काम करे।

उम्मीद करते है कि cbc test kya hota h और cbc test normal range के इस पोस्ट के द्वारा आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया होगा।किसी भी तरह के सवाल होने पर आप नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सवाल रख सकते है। 

Normal range of hemoglobin –

हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की लेवल व्यक्ति की आयु के अनुसार अलग-अलग होती है जैसे पुरुष,महिला और बच्चे में सभी हिमोग्लोबिन की मात्रा अलग-अलग होती है जो इस प्रकार है-

  • In Male – 14-18 gm/dl or gm%
  • In female – 12-16 gm/dl
  • In children – 11-13 gm/dl
  • In featus – 17-21 gm/dl

Differential leukocytes count –

 WBCs के पांच प्रकार होते हैं –

  1. Neutrophils
  2. Lymphocytes 
  3. Monocytes
  4. Eosinophils
  5. Basophils

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DLC test meaning in Hindi High low Dlc test क्यों कराया जाता है

CBC Test क्या है? | CBC test kya hai in Hindi.

स्वागत है आपका मेरे इस ब्लॉग में आज हम बात करेंगे CBC test kya hai in Hindi “ , CBC test का नार्मल रेंज(normal range) क्या होता है और CBC test report कैसे पढ़े और समझे. आज मैं आपको इन सभी के बारे में पूरी डिटेल से जानकारी देने वाला हूं इसलिए आशा करता हूं कि आप इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ेगे और समझने की कोशिश करेंगे और साथ ही  अपना कमेंट जरुर करें कि आपको यह पोस्ट कैसा लगा तो चलिए जानते हैं CBC test kya hai .Table Of Contents

CBC Test क्या होता है? – CBC Test in Hindi

CBC एक Blood test है. CBC का full form होता है ‘Complete blood count’. इस टेस्ट के माध्यम से हमारे ब्लड(blood) की कंप्लीट जाँँच की जाती है.

आजकल CBC test एक common टेस्ट माना जाता है, क्योंकि यह टेस्ट लगभग प्रत्येक मरीजों को लिखा जाता है और यह टेस्ट  विश्व भर में सबसे अधिक किया जाता है.

इस टेस्ट के माध्यम से हमारे शरीर की कंप्लीट इंफॉर्मेशन मिल जाती है कि हमारे शरीर में किस प्रकार की और कौन सी कमी है.सीबीसी टेस्ट में निम्नलिखित प्रकार की जांच की जाती है जैसे कि-

  1. Hemoglobin (HB) 
  2. Differential leukocytes count (DLC) 
  3. Total leukocytes count (TLC) 
  4. Packed cell volume (PCV) or Hematocrit
  5. Red blood cells count (RBCs count) 
  6. Platelet count (Plts Count)
  7. RBCs Index
  • MCV
  • MCH
  • MCHC

 सीबीसी टेस्ट के लिए इन सभी टेस्ट को परफॉर्म किया जाता है जिसके बारे में हम आगे पढ़ने वाले हैं और हम जानेंगे कि CBC test normal range क्या होता है और इनकी कमी से कौन- कौन से रोग होते हैं तो पढ़ते रहिए और समझते रहिए.

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Hemoglobin –

Hemoglobin हमारे लाल रक्त कोशिका में पाया जाता है, जो आयरन और प्रोटीन से मिलकर बना होता है और यह हमारे शरीर में ऑक्सीजन को कैरी करने का काम करता है.

हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने से एनीमिया रोग होता है और यदि हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा अधिक हो जाती (जो कि bone marrow से ज्यादा बनने के कारण) है और इस स्थिति को Polycythemia कहते हैं.

Normal range of hemoglobin –

हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की लेवल व्यक्ति की आयु के अनुसार अलग-अलग होती है जैसे पुरुष,महिला और बच्चे में सभी हिमोग्लोबिन की मात्रा अलग-अलग होती है जो इस प्रकार है-

  • In Male – 14-18 gm/dl or gm%
  • In female – 12-16 gm/dl
  • In children – 11-13 gm/dl
  • In featus – 17-21 gm/dl

  हिमोग्लोबिन की कमी के कारण-

 ब्लड की कमी होने से हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है-

  •  पोषक तत्वों की कमी के कारण
  • Bone marrow problems में problem के कारण 
  •  किडनी failure के कारण 
  •  हिमोग्लोबिन के असामान्य रचना के कारण
  • खून की कमी के कारण 

हमारे शरीर में hemoglobin level ज्यादा होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं-

  • ऊंचे स्थान पर रहने वाले लोग या पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोग
  • Smoking या धूम्रपान करने वाले लोगों में
  •  डिहाईड्रेशन ,खाना का अच्छा से नहीं पचना या अपच होने के कारण
  • Polycythemia vera- इस स्थिति में हमारी बोन मैरो ज्यादातर आरबीसी की प्रोडक्शन करने लगती है जिस कारण से हिमोग्लोबिन बढ़ने लगता है. 

Differential leukocytes count –

 WBCs के पांच प्रकार होते हैं –

  1. Neutrophils
  2. Lymphocytes 
  3. Monocytes
  4. Eosinophils
  5. Basophils

 के संख्याओं के पता लगाने के लिए डीएलसी टेस्ट किया जाता है जिससे हमें Neutrophils, Lymphocytes, Monocytes, Eosinophils और Basophils की नॉर्मल संख्या कितनी है इनका पता आसानी से लग जाता है.

TLC count-

 TLC यानी Total leukocytes count test हमारे शरीर में white blood cells की संख्या कितनी है इसका पता लगाने के लिए किया जाता है. हमारे शरीर में Total leukocytes count की नार्मल रेंज 4,000 से  11,000 तक होती है. 

यदि हमारे शरीर में डब्ल्यूबीसी की संख्या अधिक हो जाती है तो इसे leukocytosis कहते हैं और यदि हमारे शरीर में डब्ल्यूबीसी की संख्या मैं कमी आती है तो इसे हम leukocytopenia कहते हैं.

PCV(Packed cell volume) –

 हमारे शरीर मे कितनी percentage (%) hemoglobin है इसका पता लगाने के लिए PCV  टेस्ट किया जाता है. इसका पूरा नाम Packed cell volume होता है.PCV test से पता चलता है कि हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कितनी है.Male तथा female में PCV की मात्रा अलग-अलग होती है.

  • In male – 42-54 %
  • In female – 36-48 %

 अगर हम average PCV की बात करे तो यह 36-54% होता है.यदि  हिमोग्लोबिन की मात्रा से 3 गुना करने से आसानी से PCV निकाल सकते हैं इसके लिए हम इस फार्मूला को यूज कर सकते हैं “HB * 3 ” जिससे हमें PCV का पता आसानी से लग जाता है.

RBCs count 

हमारे शरीर में आरबीसी की मात्रा अर्थात red blood cells की मात्रा कितनी है इसका पता लगाने के लिए RBCs test किया जाता है. यह हमारे शरीर में पाई जाने वाली कोशिकाओं में सबसे अधिक पाई जाती है इसकी संख्या लगभग 4.5 से 6. 5 मिलियन/माइक्रोलीटर होता है. 

Red blood cells का फॉरमेशन bone marrow में होता है और इसका  जीवनकाल 90 से 120 दिनों तक का होता है.

Normal range of RBCs-

  • In male – 4.5 to 6.5 million /cumm
  • In female – 3.5 to 4.2 million / cumm

हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल की मात्रा में कमी आती है तो  इसे erythrocytopenia कहते हैं और यदि red blood cells की संख्या नॉर्मल से अधिक होती है तो उसे erythrocytosis कहते हैं.

White blood cells count –

White blood cells की संख्या का पता लगाने के लिए WBC test किया जाता है. WBCs हमारे शरीर को किसी अन्य प्रकार की वायरस और बीमारियों से सुरक्षित रखता है और उनसे फाइट करके हमें बचाता है इसलिए डब्ल्यूबीसी का normality हमारे लिए बहुत अच्छा होता है.

 जब हमारे शरीर में डब्ल्यूबीसी की संख्या ज्यादा हो जाती है तो उसे Leukocytosis कहतें हैं और जब हमारे शरीर में डब्ल्यूबीसी की संख्या normal range से बहुत कम हो जाती है तो इसे leukocytopenia(ल्यूकोसाइटोपेनिया) कहते हैं.

Platelet count –

Platelet count से हमारे शरीर के प्लेटलेट की संख्या का पता चलता है .Platelet हमारे शरीर में रक्त को थक्का करने में और किसी प्रकार की bleeding को रोकने के लिए काम करता है और कई प्रकार की  बीमारियों में प्लेटलेट की संख्या बहुत ही कम हो जाती है जैसे डेंगू में , तो इसलिए डॉक्टर उन सभी का पता लगाने के लिए प्लेट का टेस्ट लिखते हैं.

हमारे शरीर में प्लेटलेट की संख्या 1.5 से 4 लाख तक होती है यदि platelets की संख्या normal range से ज्यादा होती है तो इसे Thrambocytosis कहते हैं और यदि प्लेटलेट की संख्या बहुत कम होती है जिसे Thrambocytopenia कहा जाता है.

RBCs Index

RBCs Index में तीन test होते हैं जिसे calculate करके निकाला जाता है. RBCs Index से red blood cells की morphology पता करने के लगाया जाता है. जिससे red blood cells की shape, size and color को देखा जाता है. 

MCV (Mean cell Volume) 

 MCV test के द्वारा हमारे शरीर में आरबीसी का average volume कितना है इसका पता लगाया जाता है. इसका नार्मल रेंज 80 – 96 Fm(famato litre) होता है. 

MCV की संख्या normal range से कम होती है तो इसे microcytic anemia कहा जाता है और यदि MCV की संख्या normal range से अधिक होती है तो इसे macrocytic anemia कहा जाता है.

MCH (Mean cell hemoglobin)

MCH से हमारे शरीर में प्रत्येक आरबीसी में हिमोग्लोबिन की average volume कितनी है. इसका पता लगाया जाता है और इसका नार्मल रेंज 27-33 Pg(pictogram) होता है.

 यदि MCH की संख्या नार्मल रेंज से कम होती है तो इसे हाइपोक्रोमिक एनीमिया(Hypochromic anemia) कहा जाता है और यदि MCH की संख्या normal range से ज्यादा होती है तो इसे Hypochromic anemia कहा जाता है.

MCHC (Mean cell hemoglobin concentration) –

MCHC test एक calculative test होता है.इसे calculate कर आसानी से निकाला जा सकता है. MCHC blood test ,एक लाल रक्त कोशिका में उपस्थित Hemoglobin का औसत माप है.जिससे विभिन्न प्रकार की एनिमिया का पता लगाया जाता है.

 CBC Test क्यों करवाया जाता है?

CBC अर्थात Complete blood count नाम से ही पता चलता है इसमे blood के complete cells की जांच की जाती है जिससे पता लगाया जाता है कि हमारे शरीर में किस सेल्स की कमी है  और normally क्या है. 

हमारे शरीर में cells ज्यादा या कम तो नहीं है इन सभी पहलुओं को जानने के लिए डॉक्टर CBC test लिखते हैं ताकि उसे दवाई देने और बीमारी को पहचानने में सुविधा हो.

किन-किन रोगों में CBC Test करवाया जाता है और कब? 

CBC test अनेक प्रकार के रोगों की जांच के लिए करवाया जाता है. आज के समय में सीबीसी टेस्ट ,लगभग सभी तरह के patient को सबसे पहले लिखा जाता है. ऐसे कई सारे रोग हैं जिसमें CBC test लिखा जाता है जैसे कि-

  • सर्दी, बुखार लगना 
  • कमजोरी महसूस होना 
  • भूख कम लगना
  •  चक्कर आना 
  • आंखों के सामने अंधेरा छा जाना या  धुंधला लगना 
  • इस्नोफीलिया
  •  anaemia
  •  polycythemia
  • लोहा या अन्य विटामिन और खनिज की कमी की जांच करने के लिए
  • रक्तस्राव विकार के लिए
  • ह्रदय रोग के लिए
  • स्वत: प्रतिरक्षा विकार
  • बोन मेरो की समस्याएं
  • कैंसर
  • संक्रमण या सूजन
  • दवा के प्रति प्रतिक्रिया

 और भी कई प्रकार के लक्षण और लोगों के लिए सीबीसी टेस्ट लिखा जाता है मुझे इस के रिजल्ट के अनुसार डॉ यह अनुभव करते हैं कि आपके शरीर में किस प्रकार की कमी है और कौन सा रोग है.

CBC Test करवाने से पहले क्या ध्यान रखें?

 CBC test करवाने से पहले किसी खास बातों का ध्यान रखना जरूरी नहीं है, हां अगर आपको डॉक्टर सीबीसी टेस्ट के साथ अन्य टेस्ट भी लिखते हैं जैसे डायबिटीज या Fasting sugar का test तो इसके लिए आपको fasting रखना होता है लेकिन सीबीसी के लिए ऐसी कोई जरूरत नहीं होती है.

CBC Blood Test करवाने के दौरान क्या-क्या ध्यान रखें?

CBC test करने के दौरान लैब टेक्नीशियन को ध्यान रखना होता है कि वह आपके हैंड के जिस जगह से सैंपल कलेक्ट कर रहा है वहाँ वह सही तरीके से clean कर रहा है या नहीं.

 क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि सही से cleaning नहीं होने के कारण results में variation आ जाते हैं.इसलिए टेक्नीशियन सैंपल को अच्छे से preserve करके रखें ताकि टेस्ट में किसी प्रकार की variation ना आए.

CBC Test करवाने के फायदे – Benefits of CBC Test in Hindi

 सीबीसी टेस्ट करवाने के कई सारे फायदे हैं.Normally आपको कम से कम  6 महीने या साल भर में 1 बार आपको सीबीसी टेस्ट का रूटीन चेकअप करा लेना चाहिए जिससे आपको आपके शरीर में क्या-क्या हो रहा है और कौन सी सेल की मात्रा कितनी है इसका सही सही अंदाजा लग जाता है.

 सीबीसी टेस्ट के द्वारा कई प्रकार की जानकारियां में मिलती है जैसे कि आपके शरीर में कितनी मात्रा में blood है और आपके शरीर में डब्ल्यूबीसी की संख्या कितनी है.

 जो कि आपके शरीर को इम्यून सिस्टम को बनाए रखता है और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है साथ ही प्लेटलेट की संख्या कितनी है और हीमोग्लोबिन कितना है तथा अन्य प्रकार की जानकारियां CBC test के माध्यम से मिलती है.

बच्चों का CBC Test कैसे किया जाता है?

 बच्चों का सीबीसी टेस्ट करने के लिए उसके ऐड़ी(hill) को prick करके बच्चों का ब्लड सैंपल लिया जाता है और फिर  टेस्ट किया जाता है.आजकल CBC analyzer (CBC machine) के द्वारा CBC test किया जाता है जिस कारण से CBC test तुरंत हो जाता है. 

Normally इस test का result एक घण्टे में आ जाता है परन्तु कई test होने के कारण इसका report, 3-4 घंटे या एक दिन बाद दिया जाता है.

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CBC Test का Price कितना है?

CBC test का price कितना होता है यदि हम उसके बारे में बात करें तो हमारे देश में CBC test का अलग-अलग शहरों में अलग-अलग प्राइस होता है.

कई laboratory में लगभग 300 से ₹600 तक CBC test के लिए जाते हैं.

FAQ for  CBC test in Hindi. 

1.सीबीसी जांच क्या होती है? 

CBC जांच रक्त की जांच होती है.जिसमें रक्त की कोशिकाएँ जैसे लाल रक्त कोशिका, श्वेत रक्त कोशिका और प्लेटलेट सहित रक्त की पूर्ण गणना की जाती है. 

2.सीबीसी टेस्ट से क्या पता चलता है? 

सीबीसी टेस्ट के द्वारा यह पता लगाया जाता है कि आपके ब्लड में कौन-सी रक्त कोशिकाओं की कमी है.साथ ही कई प्रकार की बीमारियों का पता लगाने के लिए भी सीबीसी की जांच की जाती है.

3.ब्लड रिपोर्ट कैसे देखें?

जितने भी ब्लड टेस्ट होते हैं सबका एक समान्य मान (Normal range) होता है.किसी भी टेस्ट का मान यदि समान्य मान से कम या ज्यादा हो तो इससे पता चलता है कि आपके शरीर में समस्या है. सभी टेस्टों का नार्मल रेंज अलग-अलग होता है जिसके अनुसार आप ब्लड रिपोर्ट देख सकतें हैं.

4.सीबीसी जांच कितने रूपए में होती है? 

सीबीसी की जांच में अन्य कई सारे टेस्ट भी शामिल होते हैं, जिस कारण सीबीसी जांच की कीमत लगभग 300-500 रूपए तक होती है. यह आपके द्वारा चुने गए लैबों पर निर्भर करता है. 

4 Comments

  1. Pingback: CBC Test in Hindi | CBC Test Kya hota hai? | विस्तार से जानें सीबीसी टेस्ट क्या है और क्यों करवाते है? - Bye Bye Bimari

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