Depression in Hindi : Depression Kya Hai? | जानिए डिप्रेशन के लक्षण, इलाज और उपाय

Depression in Hindi

Depression in Hindi: WHO के अनुसार दुनियाभर में लगभग 30 करोड़ से ज्यादा लोग Depression के शिकार है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि Depression Kya Hai? (What is Depression in Hindi?), डिप्रेशन के लक्षण क्या है? (Symptoms of Depression in Hindi) और डिप्रेशन का उपचार क्या है? (Treatment of Depression in Hindi)

Depression in Hindi: जिंदगी के किसी न किसी मोड़ पर हम सबने खुद को हताश और उदास महसूस किया होगा। किसी से बिछड़ जाने का डर, संघर्ष या फिर असफलता के कारण दुखी होना आम बात है लेकिन दुख, लाचारी और अप्रसन्नता जैसी भावनाएं कई महीनों तक बनी रहती है तो यह मानसिक रोग यानी Depression का संकेत हो सकता है।

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डिप्रेशन (Depression) बहुत ही गंभीर बीमारी है। कई मामलों में Depression की वजह से व्यक्ति खुदकुशी भी कर लेता है। WHO के अनुसार दुनियाभर में लगभग 30 करोड़ से ज़्यादा लोग इस समस्या से ग्रस्त है, भारत में यह आंकड़ा 5 करोड़ से ज़्यादा है जो कि एक बहुत गंभीर समस्या है। इसलिए यह जानना बेहद ही जरूरी है कि Depression Kya Hai? और Depression के लक्षण क्या है? (Symptoms of Depression in Hindi) और डिप्रेशन से बचने के उपाए क्या है? (Prevention Tips for Depression in Hindi) तो आइए विस्तार से जानते है Depression in Hindi

What is Depression in Hindi | डिप्रेशन क्या होता है?

Depression in Hindi: जीवन में थोड़ा स्ट्रेस होना यह एक मानवीय प्रवत्ति का अहम हिस्सा है। कभी कभी यह फायदेमंद होता, किसी कार्य को करने में जब हम थोड़ा दबाव महसूस करते है तो कार्य ठीक ठंग से हो जाता है। लेकिन कभी कभी यही स्ट्रेस य तनाव अधिक और अनियंत्रित हो जाता है यह हमारे ब्रेन और बॉडी में नकारात्मक प्रभाव डालने लगता है। और यह स्थिती धीरे-धीरे अवसाद (Depression) में बदल जाती है।

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Depression में इंसान हमेशा स्ट्रेस में रहता है, व्यक्ति जिस चीज से डरता है वह उन चीजों के प्रति और तनाव महसूस करने लगता है। फिर धीरे-धीरे व्यक्ति उन तनावग्रस्त जीवन को जीने का आदि हो जाता है। Depressed व्यक्ति को अगर तनावग्रस्त स्थिति न मिले तो वह इस बात से भी तनाव महसूस करने लगता है। यह Depression की शरुआती स्टेज होती है। अब आईए समझते है कि Depression के कारण क्या होते है।

Causes of Depression in Hindi | डिप्रेशन के कारण क्या हैं?

Depression के कई संभावित कारण हैं और इनमें मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और जैविक कारकों का संयोजन शामिल हो सकता है।

उम्र: बुजुर्ग लोग ज्यादातर अकेले रहने या सामाजिक समर्थन की कमी के कारण Depression का शिकार हो जाते है। बच्चों द्वारा प्यार न मिलना भी एक बड़ा कारण है।

हार्मोनल असंतुलन: मेनोपॉज़, थायराइड की समस्या, प्रसव आदि जैसी चीजों के कारण होने वाला हार्मोनल असंतुलन शरीर को प्रभावित कर सकता है और Depression की संभावना को बढ़ा सकता है।

बीमारी: कुछ पुरानी बीमारियां, जैसे मधुमेह, मल्टीपल स्केलेरोसिस, गुर्दे की बीमारी, एचआईवी और एड्स, हृदय रोग, आदि को डिप्रेशन से जुड़ा हुआ होता हैं।

जेनेटिक्स: Depression की समस्या आनुवंशिक भी हो सकती है। परिवार में डिप्रेशन का इतिहास इसकी घटना की संभावना को बढ़ा सकता है।

लिंग: महिलाओं में पुरुषों की तुलना में Depression का खतरा अधिक होता है। ऐसा माना जाता है कि यह हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होता है।

मेडिसिन: बीटा-ब्लॉकर्स और कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स जैसी कुछ दवाओं के पुराने उपयोग से Depression का जोखिम बढ़ सकता है।

मादक द्रव्यों का सेवन: मादक द्रव्यों के सेवन और Depression के बीच सीधा संबंध रहा है। मादक द्रव्यों के सेवन के इतिहास वाले लगभग 30% लोगों में हल्के से गंभीर Depression के लक्षण होते हैं।

पर्सनल प्रॉब्लम: कुछ लोग अपने जीवन में बहुत से व्यक्तिगत मुद्दों जैसे काम पर दबाव या उनकी शादी में समस्याएं के कारण Depression का अनुभव कर सकते हैं।

Symptoms of Depression in Hindi | डिप्रेशन के लक्षण

  • Depression से ग्रस्त व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है।
  • Depression से ग्रस्त व्यक्ति हमेशा उदास रहता है।
  • व्यक्ति हमेशा स्वयं उलझन में एवं हारा हुआ महसूस करता है।
  • Depression का रोगी खुद को परिवार एवं भीड़ वाली जगहों से अलग रखने की कोशिश करता है। वह ज्यादातर अकेले रहना पसन्द करता है।
  • खुशी के वातावरण में या खुशी देने वाली चीजों के होने पर भी वह व्यक्ति उदास ही रहता है।
  • हर समय कुछ बुरा होने की आशंका से घिरे रहना।
  • किसी भी कार्य में ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी होती है।
  • Depression का रोगी हमेशा चिड़चिड़ा रहता है तथा बहुत कम बोलता है।
  • कुछ अवसाद के रोगियों में बहुत अधिक गुस्सा आने की भी समस्या देखी जाती है।
  • Depression के रोगी भीतर से हमेशा बेचैन प्रतीत होते हैं तथा हमेशा चिन्ता में डूबे हुए दिखाई देते हैं।
  • यह कोई भी निर्णय लेने पर स्वयं को असमर्थ पाते हैं तथा हमेशा भ्रम की स्थिति में रहते हैं।
  • अवसाद के रोगी कोई भी समस्या आने पर बहुत जल्दी हताश हो जाते हैं।

How is Depression Diagnosed in Hindi | डिप्रेशन का निदान कैसे किया जाता है?

  • Depression के निदान के लिए व्यक्ति को कम से कम दो सप्ताह तक Depression के 5 लक्षण होने चाहिए। इसके अलावा नीचे बताए गए निम्नलिखित परीक्षण किए जा सकता है।
  • चिकिस्तक एक शारीरिक जांच की जाती है, जिसमें स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं ताकि डिप्रेशन के शारीरिक लक्षणों का पता लगाया जा सके।
  • मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर मरीजों से उनके डिप्रेशन की गंभीरता का आकलन करने के लिए विभिन्न प्रश्नावली भरने के लिए कहते हैं। इन प्रश्नावली के स्कोर उन लोगों में डिप्रेशन की गंभीरता का संकेत देते हैं।
  • व्यक्ति के लक्षणों के आधार पर, चिकिस्तक मनोरोग मूल्यांकन कर सकता है। आपके चिकिस्तक आपके लक्षणों, व्यवहार पैटर्न, विचारों और भावनाओं के बारे में प्रश्न पूछ सकते हैं।
  • चिकिस्तक किसी भी आंतरिक समस्या का पता लगाने के लिए कम्पलीट ब्लड टेस्ट नामक ब्लड टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं।

Treatment of Depression in Hindi | डिप्रेशन का उपचार क्या है?

Self Help: रोगियों को सबसे पहले खुद से बिना दवाई के द्वारा ठीक करने की कोशिश की जाती है। इसमें नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद शामिल है। इसके अलावा उन लोगों के साथ समय बिताने की मदद से अपना ख्याल रखना, जिनकी आप परवाह करते हैं, डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार कर सकते हैं।

Counseling : कभी कभी Depressed व्यक्ति को केवल संक्षिप्त थेरेपी की जरूरत होती है, जिससे वह ठीक हो जाते है। आपका मनोचिकित्सक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के साथ बातचीत करते है। आपके काउंसलर आपकी समस्याओं को पहचानने और उनका समाधान करने और मुकाबला करने के कौशल विकसित करने में आपकी मदद करते है।

Alternative Medicine: जिनमें Depression के हल्के लक्षण पाए जाते है उन्हें वैकल्पिक चिकित्सा के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। इस थेरेपी में मालिश, एक्यूपंक्चर, सम्मोहन और बायोफीडबैक शामिल हो सकते हैं।

Medicine: एंटीडिप्रेसेंट जैसी प्रिस्क्रिप्शन दवा मस्तिष्क रसायन को बदलने में मदद कर सकती है जो डिप्रेशन का कारण बनती है। एंटीडिप्रेसेंट को असर होने में कुछ हफ़्ते लग सकते हैं।

Brain Stimulation Therapy: इस पद्धत्ति को हिंदी में मस्तिष्क उत्तेजना थेरेपी कहा जाता है। मस्तिष्क उत्तेजना थेरेपी के प्रकारों में इलेक्ट्रोकोनवल्सी थेरेपी (ECT), ट्रांसक्रानियल चुंबकीय उत्तेजना (TMS) और वेगस तंत्रिका उत्तेजना (VNS) शामिल हैं। यह गंभीर डिप्रेशन वाले रोगियों में अपनाया जाता है।

Conclusion –

आज की इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि Depression Kya Hai? (What is Depression in Hindi) और Symptoms of Depression in Hindi क्या है? इसके आलावा हमने आपको इस Depression in Hindi के बारे में कई तरह की जानकारियां दी। हमारी इस पोस्ट के बारे में आपकी क्या राय है। हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें। य

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