gathiya ka ayurvedic ilaj | घर मे ऐसे करें गठिया का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज

gathiya ka ayurvedic ilaj

गठिया जिसे संधिशोथ एवं अर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है, एक आम बीमारी है, जो कि महिलाओं एवं पुरुषों दोनों को होती है। पहले यह बीमारी केवल उम्र बढ़ने के साथ होती थी, लेकिन आजकल कम उम्र के लोगों में भी यह समस्या आम हो गई है। इसमें रोगी के शरीर के विभिन्न जोड़ो में गांठें बन जाती हैं, जिसकी वजह से दर्द, अकड़न एवं सूजन जैसी समस्या जन्म लेती है। इसमे शरीर में इस प्रकार का दर्द होता है, जैसे कांटे चुभ रहे हों। यह हड्डियों में घिसाव, संक्रमण या अन्य किसी कारण से हो सकता है। इसका प्रभाव घुटनों, उंगलियों, रीढ़ की हड्डियों, कोहनी, कलाई, टखनों इत्यादि में विशेष रुप से होता है। प्रत्येक वर्ष 12 अक्टूबर को वर्ल्ड आर्थ्राइटिस डे मनाया जाता है। गठिया के 100 से भी अधिक प्रकार है। इस पोस्ट में हम गठिया के इलाज (gathiya ka ayurvedic ilaj) के बारे में बताएंगे।


● गठिया का रोग क्यों होता है :-

गठिया की बीमारी होने का मुख्य कारण शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ जाना है। यही यूरिक एसिड शरीर के जोडों में क्रिस्टल के रूप में जम जाता है, जिससे दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। जब यह रोग ज़्यादा बढ़ जाता है, तो चलना फिरना , उठना बैठना भी मुश्किल हो जाता है। शरीर में पानी की कमी से यह समस्या होती है, पानी ज़्यादा से ज़्यादा पियें, इससे आपको बार बार पेशाब के लिए ज़रूर जाना पड़ेगा, लेकिन पानी ज़्यादा पीने से केवल गठिया ही नहीं वरन कई बीमारियों से निजात मिलेगी। इस समस्या का जड़ से समाप्त होना आसान तो नहीं है, किंतु ईलाज के साथ लगातार परहेज किया जाए तो काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।

किसी भी बीमारी का ईलाज करने से पूर्व उसके लक्षणों को जानना ज़रूरी होता है। 

● गठिया के लक्षण निम्नलिखित हैं –

• जोड़ो की विकृति

• सुबह के समय जोड़ों में विशेष तौर पर अकड़न

• जोड़ो का कम हिलना डुलना

• थकान एवं वज़न कम होना

• काम करते समय जोड़ों में एक किस्म का दबाव या दर्द महसूस होना

• बुखार 

• चलते समय जोड़ों का खड़खडाना

गठिया की बीमारी का अनेक प्रकार से ईलाज होता है, एलोपैथी, होमियोपैथी, आयुर्वेदिक इत्यादि। किन्तु बीमारी के इलाज के साथ ही परहेज भी जरूरी होता है, आइये जानते हैं, कि गठिया की बीमारी में क्या खाएं व क्या न खाएं-

● गठिया रोग में क्या खाना चाहिए 

• शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया की समस्या जन्म लेती है, इसलिए ज़्यादा पानी पियें ताकि यूरिक एसिड की मात्रा संतुलित रहे।

• गठिया की बीमारी में कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ ले। ऐसे फल व सब्जियां लें, जिनमें कैल्शियम प्रचुर मात्रा में हो।

• अपने खाने में डेयरी प्रोडक्ट शामिल करें, जैसे दूध, दही, पनीर आदि।

• मेथी, सरसों का साग, बथुआ, चौलाई भाजी, लौकी, तुराई, आलू, गाजर, परवल, शकरकंद, पत्तागोभी जैसी सब्जियों का सेवन करें।

• यदि आप खाने का सामान्य तेल प्रयोग में ला रहे हैं, तो उसके स्थान पर ज़ैतून, अलसी एवं मछली के तेल का प्रयोग करें। खाने में मछली को शामिल करें, क्योंकि इसमें ओमेगा 3 एसिड पाया जाता है, जो कि जोड़ो की सूजन को  कम करने में सहायक होता है।

• ऐसे फलों का सेवन करें जो कि पानी से भरपूर हों, जैसे पपीता, तरबूज़, ख़रबूज़ , खीरा आदि।

• चावल, पुराना गेहूँ, हींग, जीरा, मूंग, मसूर, दालचीनी इत्यादि को अपनी डाइट में शामिल करें।

● गठिया रोग में क्या नहीं खाना चाहिए 

• अत्यधिक मसालेदार भोजन से परहेज करें।

• खट्टी चीज़ो जैसे कच्चा आम, इमली, सिरका एवं बासी भोजन को न कहें।

• उड़द, गोभी, मटर, भिंडी, अरबी, बैंगन इत्यादि न खाएं।

• दोपहर में न सोएं, रात में भरपूर नींद लें।

• ज़्यादा व्यायाम न करें।

• खाने में शुगर की मात्रा को कम करें।

• कैफीन का कम से कम सेवन करें, क्योंकि यह शरीर से पानी सोखता है, जिससे जोड़ों का दर्द और बढ़ेगा ।

● गठिया रोग के लिए घरेलू उपचार 

• लहसुन का प्रयोग न केवल मसाले के रूप में किया जाता है बल्कि यह कई प्रकार की बीमारियों में औषधि का काम भी करता है। गठिया में प्रतिदिन लहसुन की 3-4 कली खाली पेट लेने से लाभ होता है। लहसुन को अन्य चीज़ों के साथ मिलाकर तेल बनाकर भी लगाया जा सकता है। तेल तैयार करने के लिए लहसुन, हींग, जीरा, काली मिर्च, सेंधा नमक, पीपल, सौंठ सभी 2-2 ग्राम लेकर अच्छी तरह पीसकर इस मिश्रण को अरण्डी के तेल में भूनकर किसी बॉटल में रख लें। दर्द होने पर इस तेल से मालिश करें।

• अदरक भी लहसुन की तरह एक मसाला है, जिसका प्रयोग गठिया से राहत पाने के लिए किया जाता है। अदरक में इन्फ्लामेट्री गुण होता है, प्रतिदिन खाने के साथ कच्ची अदरक खाएं। इसका प्रयोग शहद के साथ या सलाद में मिलाकर भी किया जा सकता है। अदरक के तेल का प्रयोग भी गठिया में लाभकारी होता है।

• एलोविरा का प्रयोग सिर्फ स्किन सम्बन्धित समस्याओं के लिए ही नहीं बल्कि जोड़ों के दर्द में भी किया जाता है। एलोविरा जेल को दर्द वाली जगह पर लगाएं। वैसे तो मार्केट में एलोवीरा जेल मिलता है, लेकिन अगर घर पर पेड़ है, तो उसके पत्ते को काटकर उसके जेल को लगाएं।

• जोड़ों के दर्द की एक वजह बढ़ता मोटापा भी है। आज के समय में लोगों का खानपान सही एवं शुध्द न होने की वजह से छोटे , बड़े व बच्चे सभी का वजन बढ़ता जा रहा है। अपने वजन पर नियंत्रण रखकर भी कुछ हद तक गठिया की बीमारी में राहत पाई जा सकती है। बेवक़्त भोजन न करें, भोजन का समय निर्धारित कर लें एवं रोज़ाना उसी समय पर भोजन करें। मोटापे का एक कारण तनाव भी है, अतएव तनाव से दूर रहे, मेडीटेशन करें।

• पुराने समय में जब लोग प्रत्येक कार्य अपने हाथ से करते थे, तब कम बीमार पड़ते थे। किन्तु आज के समय में हर कार्य के लिए नौकर के भरोसे होने से शारीरिक श्रम नहीं हो पाता , जो कि गठिया का कारण बन जाता है। इसलिए बैठे बैठे काम करने व करवाने के स्थान पर शारीरिक रूप से क्रियाशील रहें। टहलें, व्यायाम करें।

• हल्दी जो कि किचन में हर समय उपलब्ध होती है, गठिया से राहत दिलाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, हल्दी में कुदरती तौर पर एन्टी इन्फ्लामेट्री गुण मौजूद होते हैं, रोज़ हल्दी वाला दूध पियें। कुछ दिनों में दर्द से आराम महसूस करेंगे। इसके अलावा एक बर्तन में 2 कप पानी में आधा चम्मच पिसा अदरक एवं आधा चम्मच पिसी हल्दी डालकर हल्की आँच में 15 मिनट उबाल लें, अब इसमें स्वादानुसार शहद मिला लें एवं इस काढ़े का सेवन करें।

• लंबे समय तक गैस एवं कब्ज़ की समस्या का बने रहना भी गठिया को जन्म देता है, यदि आपको भी ऐसी समस्या है, तो सर्वप्रथम कब्ज़ का इलाज करें। अधिक तेल मसाले वाला भोजन न करें, सादा भोजन करें। फ़ास्ट फूड से दूरी बनाएं, घर पर बना खाना खाएं। 

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इन सब के अलावा और भी कुछ नुस्खे हैं, जिन्हें अपनाया जा सकता है, जैसे सरसों के तेल में लहसुन की कुछ कलियां डालकर हल्की आंच पर उबाल लें, इस तेल से दर्द वाली जगह पर मालिश करें। युकेलिप्टस के तेल का प्रयोग भी गठिया से राहत दिलाता है। आलू के रस का सेवन करें, क्योंकि इसमें मौजूद मिनरल शरीर में जमा यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करते हैं। प्रतिदिन ताज़ा बथुआ की साग का रस निकालकर बिना कुछ मिलाएं इसका सेवन करें। सौंठ का प्रयोग भी गठिया से आराम दिलाता है।

उम्मीद करते है कि byebyebimari के इस gathiya ka ayurvedic ilaj के इस पोस्ट में आपको संतुष्टिप्रद जवाब मिल गया होगा। किसी भी तरह अन्य जानकारी के लिए आप हमें कमेंट भी कर सकते है। पोस्ट पसंद आये तो शेयर जरूर करें।

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