दर्जन भर बीमारियों का इलाज होगा इस अनाज से। Ragi health benefits and side effects in Hindi

Ragi health benefits and side effects in Hindi

रागी ( फिंगर मिलेट ) जिसे मडुआ के नाम से भी जाना जाता है। इसका आटा बहुत स्वास्थ्यप्रद और पौष्टिक होता है। इसे नचनी का आटा भी कहा जाता है। इस पोस्ट में आप Ragi health benefits and side effects in Hindi के बारे में विस्तार से जान पाएंगे। यह विशेषकर एशिया और अफ्रीका के सूखे और ऊँचे इलाकों में होने वाला अनाज है, जो कि भारत में लगभग 4000 वर्ष पहले लाया गया था। इसे तिलहन फसलों जैसे दाल, मूंगफली आदि के साथ उगाया जाता है। इसकी खेती करना किसानों के लिए आसान होने के साथ साथ सुरक्षित भी है, क्योंकि इसे साफ करके भंडारण करने के बाद इसमें कीड़े एवं फफूंद नहीं लगते हैं। इस कारण ऐसे किसान जिनके पास कम पूंजी है, वह भी इसका उत्पादन कर सकते हैं। यह प्रोटीन, मिनरल, कार्बोहाइड्रेट, एनर्जी, कैल्शियम, मेथोनाइन इत्यादि से भरपूर होता है। भारत के आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में यह बहुत ज़्यादा उपयोग में लाया जाता है। इससे रोटी, डोसा, ब्रेड , केक तैयार किया जाता है। रागी या नचनी के आटे का प्रयोग विभिन्न प्रकार के पारंपरिक भोजन बनाने में किया जाता है। इसे डायरेक्ट प्रयोग में न लाकर अन्य प्रकार के आटे के साथ मिक्स करके भी हेल्दी डिशेस तैयार की जाती है।

रागी उपयोग करने के फायदे (Ragi health benefits in Hindi)

  1. रागी खाने से कब्ज़ में कमी आना (Ragi benefits for constipation):- रागी शरीर की पाचन क्रिया को सही रखता है, क्योंकि इस में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, ये फाइबर हमारे पेट को भरे होने का एहसास कराते हैं, जिससे अधिक भूख पर नियंत्रण होता है। ये कब्ज़ से छुटकारा दिलाने में भी मदद करता है।
  2. रागी से डायबिटीज का रोकथाम (Ragi benefits for diabetes in hindi) :- इसमें पाये जाने वाले मैग्नीशियम की वजह से यह शरीर में इंसुलिन की मात्रा वृद्धि करने में सहायक होता है। इसलिए वे लोग जो डायबिटीज पेशेंट हैं, उन्हें रागी को अपनी रोज़मर्रा की डाइट में ज़रूर शामिल करना चाहिए। रागी में हाई कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा होने के कारण यह तत्काल ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है।इसके अलावा इसमें पादप रसायन जैसे टैनिन्स,पोलीफेनॉल्स, प्लेथोरा आदि भी पाए जाते है जो कि हमारे पाचन क्रिया को दिमा करने का प्रयास करते है।तो रक्त में शर्करा की मात्रा में कमी आती है इस कारण यह हाई ब्लड प्रेसर को भी नियंत्रित करने का काम आता है।
  3. रागी से दिल के मरीजों को लाभ ( is ragi good for heart patient in hindi ) :- दिल से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे लोगों को रागी का नियमित इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि रागी शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस रखता है एवं हार्ट बीट को नार्मल रखने में सहायक होता है।
  4. रागी खाने से हड्डियों में फायदा (Ragi benefits for bone improvement in hindi ) :- रागी का एक फायदा यह भी है कि इसका सेवन हमारे दांतों और हड्डियों को मज़बूती प्रदान करता है। जैसा कि हम जानते हैं कि कैल्शियम और फॉस्फोरस दांतों और हड्डियों के लिए ज़रूरी होते हैं, ये दोनों ही रागी में भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं।
  5. रागी से त्वचा में फायदा ( benefits of ragi for skin and hair ) :- रागी का सेवन स्किन से संबंधित समस्याओं का भी निवारण करने में मददगार साबित होता है। यदि आप रागी को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो यह झुर्रियों ,पिम्पल , रैशेस एवं त्वचा से संबंधित दूसरी समस्याओं को दूर करता है क्योंकि इसमें विटामिन B3 पाया जाता है, जो कि हमारी त्वचा की विभिन्न परतों की देखभाल करता है। इसके साथ ही यह स्किन में रिजनेरेशन, एन्टी एजिंग का कार्य भी करता है। यह स्किन के साथ साथ हमारे बालो को भी मजबूती प्रदान करता है, सिर के स्कैल्प को सुरक्षित रखता है, जिस कारण बालों का झड़ना कम होता है और बालों को घना एवं चमकदार बनाता है।
  6. रागी से प्रतिरोध क्षमता में वृद्धि होना (is Ragi for immune system ):– इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जिसकी वजह से यह हमारे शरीर में होने वाले विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन से सुरक्षा करता है।यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, एवं सर्दी ज़ुकाम जैसी सामान्य बीमारियों से सुरक्षित रहने में हमारी मदद करता है।
  7. रागी का छोटे बच्चों में फायदा ( Ragi benefits for baby in hindi) :- रागी , ज्वार आदि ऐसे भोज्य पदार्थ हैं, जो कि छोटे बच्चों के लिए बहुत पौष्टिक होते हैं। अगर आप नन्हें बच्चों को ये खिलाते हैं, तो कुछ समय के लिए उनका पेट भरा रहेगा और वे खेलते रहेंगें।
  8. रागी वजन घटाने में सहायक (Ragi benefits for weight loss in hindi ) :- यदि आप वज़न कम करने के इच्छुक हैं, तो अपनी डाइट में रागी को अवश्य शामिल करें, ये मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित रखते हैं।
  9. रागी का तनाव और डिप्रेशन में फायदा (Ragi benefits for anxiety and depression) :- आज के समय में मानसिक तनाव आम बात है, रागी इससे निपटने में आपकी सहायता कर सकता है। यह शरीर को आराम देता है, मस्तिष्क की एकाग्रता को बढ़ाता है। इसमे ट्रिप्टोफेन नाम का एमिनो एसिड पाया जाता है जो कि मस्तिष्क को शांत रखने के साथ तनाव और अनिद्रा को कम करने में आपकी मदद करता है।
  10. रागी का उपयोग एनीमिया के उपचार में (is Ragi good for anemia):- शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जो कि महिलाओं पुरुषों और बच्चों सभी वर्ग में फैल रही है। शरीर में आयरन की कमी होने से एनीमिया रोग होता है और रागी एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसमे प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है। इसे आप रोजाना किसी न किसी रूप में अपने भोजन में अवश्य शामिल करें।
Ragi health benefits in Hindi
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रागी खाने के नुकसान (Side effects of Ragi Flour)


रागी को किसी भी आयुवर्ग का व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है, छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुज़ुर्गों तक। आप जिस प्रकार इसका उपयोग करना चाहें कर सकते हैं। इसके यूँ तो अनगिनत लाभ हैं, किन्तु हो सकता है कि सबको ये पसंद न आये और विशेषकर वह लोग जो किडनी की समस्या से पीड़ित हैं, उनके लिए बेहतर है कि रागी के सेवन से बचा जाए। इसमें काफी मात्रा में कैल्शियम होता है, जिससे कि किडनी में पथरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

Benefits of Jowar,Bajra and Rai

ज्वार– जिसका नाम shorghum मिलेट है, इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन, प्रोटीन एवं फाइबर होता है, यह बॉडी के कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखता है। कुछ लोगों को गेंहू का आटा रास नहीं आता, उनके लिए ज्वार एक अच्छा विकल्प है। ज्वार का आटा शरीर के लिए बहुत पौष्टिक होता है। ज्वार को गेहूँ के आटे में मिलाकर भी रोटी बनाई जा सकती है।

बाजरा– जिसका नाम pearl मिलेट है, यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर, आयरन इत्यादि का बेहतरीन स्रोत है।
इसका आटा भी सेहत के लिए लाभदायक होता है। बाजरा की विशेषता यह है, कि सूखे इलाकों में भी इसका उत्पादन हो जाता है, अधिक सिंचाई या खाद की भी ज़रूरत नही होती। यही वजह है कि राजस्थान में इसकी खेती बहुत की जाती है।

राई– राई सरसों की ही एक प्रजाति है, फ़र्क यह है कि सरसों के दाने पीले होते हैं एवं राई के दाने काले व छोटे होते हैं। कुछ अन्य देशों में सफेद राई भी पाई जाती है। राई का तेल भी निकलता है। इसे ज़्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती। इसका प्रयोग बरसों से विभिन्न बीमारियों के ईलाज के लिए किया जाता है। यह विटामिन A, विटामिन B, विटामिन C, जिंक, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटासियम, कॉपर, फॉस्फोरस आदि मिनरल्स का स्रोत है। यह अस्थमा, टॉन्सिल, हाई ब्लड प्रेशर, एलर्जी, आर्थराइटिस आदि बीमारियों के ईलाज में प्रयोग किया जाता है।

रागी का उपयोग कैसे करें (How to use Ragi flour in Hindi)

रागी से मीठी और नमकीन दोनों प्रकार की डिश बनाई जा सकती है, ये आपकी पसंद पर निर्भर करता है।
नाश्ते में रागी को दूध के साथ पकाकर इसमे गुड़ मिलाकर एक टेस्टी ड्रिंक तैयार किया जा सकता है। जो कि काफी पौष्टिक होता है।
इसके अलावा रागी का हलवा, अन्य प्रकार के आटे के साथ मिलाकर रोटी बनाना, रागी के लड्डू, डोसा आदि विभिन्न प्रकार के हेल्दी और लज़ीज़ भोजन बनाये जा सकते हैं।

रागी का दलिया बनाने की विधि ( Ragi Malt Recipe in Hindi)

2 चम्मच रागी का आटा
1 कप दूध
1 चम्मच कटे हुए बादाम
2 चम्मच इलाइची पाउडर
शहद स्वादानुसार

सर्वप्रथम एक पैन में मध्यम आँच पर दूध गर्म करें, अब आँच सिम करके इसमें रागी का आटा डालें, फिर इसमें बादाम और इलायची पाउडर डालकर लगातार चलायें ताकि इसमें गांठ न पड़े। 5 मिनट के बाद इसे उतार लें अब स्वादानुसार शहद मिला लें। इस दलिया को नाश्ते में सर्व करें, यह स्वादिष्ट होने के साथ साथ पौष्टिक भी है।इसमे आप मिठास के लिए शहद के स्थान पर अपनी इच्छानुसार शक्कर, मिश्री,गुड़ आदि का भी प्रयोग कर सकते हैं।

इस प्रकार हम यह कह सकते हैं कि, रागी एक ऐसा आहार है, जो कि न सिर्फ पौष्टिक होता है, बल्कि आप इसे जिस तरह इस्तेमाल करना चाहें कर सकते हैं। Ragi health benefits and side effects in Hindi में हमने जाना कि यह हमारी शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। यह कोई ज़रूरी नहीं है कि आप पेट भरने के लिए दाल, चावल , सब्जियां इत्यादि ही खाएं। पेट भरने का मतलब ये होता है कि हम जो भी खाएं वह पौष्टिक हो, उससे शरीर को ताक़त मिले। रागी एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो कि शाकाहारी व्यंजनो में बहुत ताकतवर होता है। हो सकता है कि शुरुआत में बच्चों और कुछ बड़े लोगों को भी ये पसंद न आये किंतु आप इसके अलग अलग तरह से व्यंजन बनाकर इसे खाने में अवश्य शामिल करें, क्योंकि स्वाद के साथ साथ सेहत भी बेहद ज़रूरी होती है।

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