शुगर का इलाज,लक्षण,आहार चार्ट,बचाव |sugar treatment diet chart symptoms in hindi

शुगर का इलाज,लक्षण,आहारचार्ट

आज के दौर में जो एक सामान्य बीमारी हो गयी है वह है शुगर या मधुमेह या जिसे हम डायबिटीज के नाम से भी जानते है।आज के इस पोस्ट में हम आपको इससे जुड़ी हर सवालो का जवाब बताएंगे जैसे:-
1.शुगर (मधुमेह) केलक्षण
2.शुगर (मधुमेह) के प्रकार
3.शुगर (मधुमेह) होने के कारण
4.शुगर(मधुमेह) का आहार चार्ट
5.शुगर (मधुमेह) से किस प्रकार अपना बचाव करें

शुगर (मधुमेह) का लक्षण:-

शुगर से बचाव तभी हो सकता है जब आपको इस बीमारी के लक्षण पता हो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी आवश्यक है हम यहाँ आपको कुछ सामान्य लक्षण बता रहे है जिससे आप इसके होने का पता लगाकर समय रहते अपना बचाव कर सकते हैं–

1.वजन का अनियमित रूप से कम या ज्यादा होना

2.गला सुख जाने का एहसास होने

3.जख्म का जल्दी नही भरना

4.हर थोड़ी देर में पेशाब लगना

5 बदन दर्द का अनुभव करना

6.थोड़ी सी मेहनत करके तक जाना

7.नजर का कमजोर होना

8.त्वचा में जगह जगह फोड़े होना और उनका ठीक नही हो पाना

9.चक्कर या बेहोशी आना

10.हर्ट रेट का अनियंत्रित वेग से कम ज्यादा होना।

यह सारे लक्षण डायबिटीज की ओर इशारा करते है और आपको तत्काल किसी चिकित्सक से मिलने की आवश्यकता है।

शुगर या मधुमेह क्यों होता है ?

टाइप 1 diabetes) :– यह मुख्य रूप से 14 से 25 वर्ष के उम्र के युवाओं में होता है।यह पैंक्रियाज के बीटा में इंफेक्शन के कारण होती है।जिससे इंसुलिन का उत्पादन रुक जाता है।ऐसे रोगियों को इंसुलिन बाह्य स्रोत से शरीर मे लेना पड़ता है।

टाइप 2 मधुमेह (type 2 डायबिटीज) :- इसका प्रमुख कारण शरीर का वजन अधिक होने के साथ व्यायाम नही करना हैं। इसे व्यस्क शुरुआत मधुमेह के नाम से भी जाना जाता है।

टाइप 2 डायबिटीज के बारे में ज्यादा पढ़े

3.गर्भावस्था मधुमेह :– यदि किसी गर्भवती महिला को शुगर है तो उसे प्रसव पूर्व बहुत सारी बीमारियों और तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है।गर्भावस्था में रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाने के कारण मधुमेह की बीमारी के लक्षण दिखने लगे जाते है।ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ग्लूकोस के अणुओं को कोशिकाओं तक ले जाने में इंसुलिन वाहक का कार्य करते है,और ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाने से इंसुलिन की मात्रा अपेक्षाकृत कम हो जाती है।

शुगर के लक्षण:-

मधुमेह या शुगर हमे किन्ही 2 कारणों से हो सकता है,यदि हमारे वंशज में किसी को शुगर है तभी हमें हो सकता है अथवा हमारे जीवन शैली की अनियमितता।यदि हमारे पूर्वज जैसे दादा,दादी,या नाना नानी में किसी को शुगर है तो आने वाली पीढ़ियों में किसी संतान को भी शुगर होने के संभावनाएं बन जाती है।

वही दूसरा प्रकार टाइप2 श्रेणी का होता है जो निम्न कारणों से हो सकता है

1.अनियंत्रित खानपान

2.पर्याप्त नींद नही लेना

3.काम मे ज्यादा तनाव होना

4.मीठे चीज़ को ज्यादा खाना

शुगर के लिए आप क्या खाएं और क्या नही :-

मधुमेह के रोग से बचाव के लिए खानपान में नियंत्रण बहुत जरूरी है।यदि आप यह समझ गए कि आपको क्या खाना चाहिए और क्या नही तो आप अपने शुगर लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं।तो इस आधार पर हम आहार चार्ट को दो भाग में बांट सकते है

1.क्या नहीं खाएं :-

मीठी चीज़े,आइस क्रीम, चावल,आलू और शकरकंद, मीठी चाय,फ़ास्ट फूड,मीठे फल जैसे आम,लीची आदि,मिठाइयाँ, तेलीय पदार्थ,चॉक्लेट आदि

2.क्या खाएं:-

रोटी,दही,अंकुरित अनाज,हरी सब्जियां, सलाद,ओट्स,गाजर,ब्रॉकली, फिश,सेब आदि आप खा सकते है।

इनके अलावा आप अपने दिन की शुरुआत निम्बू पानी से करे जो शरीर को डेटॉक्स करने का काम करती है । इसके साथ आप दिन में मीठी चाय के स्थान में ग्रीन टी पी सकते है।

शुगर (मधुमेह) से अपना बचाव किस प्रकार करें

मधुमेह जैसे जानलेवा रोग से बचने के लिए आप इन कुछ तरीको को अपना सकते है जिससे आप इसके प्रति सतर्क भी रह पाओगे और एक स्वस्थ्य जीवन का आनंद उठा पाएंगे।

1.नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच कराते रहे।हर 3 महीने में आप फुल बॉडी चेकअप करते रहेंगे तो आपको अपने शरीर की हर हलचल का ज्ञान रहेगा।

2.अपने काम मे आने वाले तनाव को अपने निजी जिंदगी में शामिल न होने देवे,क्योंकि तनाव ही हमारे सारे रोगों के निमंत्रण पत्र होता है।

3.खानपान के प्रति सजग रहे और फास्टफूड से अपने आप को दूर ही रखे बल्कि इनके स्थान पर अंकुरित चना,अनाज,और सलाद का उपयोग नास्ता के रूप में करें।

4.मद्यपान और धूम्रपान से बचें।

5.नियमित व्यायाम करें क्योंकि व्यायाम हमारे शरीर के छोटे मोटे रोगों को पनपने से पहले ही खत्म कर देता है जिससे हम चुस्त और तंदुरुस्त महसूस करते है।

हमने आपको डायबिटिक से जुड़ी बहुत सारी बातों से अवगत कराने की कोशिश की।फिर भी इस कड़ी में आगे हम इस पर और लेख प्रकाशित करेंगे ताकि आप शुगर(मधुमेह) से सचेत और सुरक्षित रह सके।

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